6G संचार नेटवर्क प्रौद्योगिकियाँ | IIIT-दिल्ली NPTEL कोर्स | हिंदी में जानकारी
Course Details
| Exam Registration | 170 |
|---|---|
| Course Status | Ongoing |
| Course Type | Elective |
| Language | English |
| Duration | 4 weeks |
| Categories | Electrical, Electronics and Communications Engineering, Communication and Signal Processing |
| Credit Points | 1 |
| Level | Undergraduate/Postgraduate |
| Start Date | 16 Feb 2026 |
| End Date | 13 Mar 2026 |
| Enrollment Ends | 16 Feb 2026 |
| Exam Registration Ends | 27 Feb 2026 |
| Exam Date | 17 Apr 2026 IST |
| NCrF Level | 4.5 — 8.0 |
6G संचार नेटवर्क के लिए सक्षम करने वाली प्रौद्योगिकियाँ: भविष्य की कनेक्टिविटी की ओर एक कदम
वायरलेस संचार की दुनिया में 5G के वैश्विक प्रसार के साथ ही, शोधकर्ता और उद्योग अगली पीढ़ी, यानी 6G तकनीक पर काम करने लगे हैं। 6G न केवल गति में एक और छलांग लगाएगा, बल्कि यह एक पूर्ण रूप से बुद्धिमान, सर्वव्यापी और टिकाऊ संचार पारिस्थितिकी तंत्र का वादा करता है। यह कोर्स, प्रो. विवेक आशोक बोहरा (IIIT-दिल्ली) द्वारा पढ़ाया जा रहा है, जो आपको 6G की मूलभूत अवधारणाओं, उपयोग के मामलों और उन उन्नत प्रौद्योगिकियों से परिचित कराता है जो इसके आधारस्तंभ बनेंगी।
कोर्स और प्रशिक्षक के बारे में
यह 4-सप्ताह का ऑनलाइन कोर्स स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसे प्रो. विवेक आशोक बोहरा पढ़ा रहे हैं, जो IIIT-दिल्ली में इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख हैं। प्रो. बोहरा के पास सिंगापुर के नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से पीएचडी की उपाधि है और वायरलेस संचार, विशेष रूप से विजिबल लाइट कम्युनिकेशन (VLC), हाइब्रिड RF-VLC, और इंटेलिजेंट रिफ्लेक्टिव सरफेस (IRS) जैसे क्षेत्रों में उनका व्यापक शोध अनुभव है। उन्होंने 100 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए हैं और कई पुरस्कार प्राप्त किए हैं।
कोर्स का उद्देश्य और लक्षित श्रोता
इस कोर्स का प्रमुख उद्देश्य छठी पीढ़ी (6G) वायरलेस तकनीक की मूलभूत समझ प्रदान करना है। यह कोर्स उन छात्रों और पेशेवरों के लिए आदर्श है जो:
- वायरलेस संचार प्रणालियों के विकास और 6G के रोडमैप को समझना चाहते हैं।
- 6G की संभावित उपयोगिताओं (Use Cases) और प्रदर्शन मापदंडों (KPIs) के बारे में जानना चाहते हैं।
- मासिव MIMO, इंटेलिजेंट रिफ्लेक्टिव सरफेस, होलोग्राफिक बीमफॉर्मिंग जैसी उन्नत अवधारणाओं में गहराई से उतरना चाहते हैं।
- 6G के लिए प्रस्तावित मॉड्यूलेशन, कोडिंग और मल्टीपल एक्सेस तकनीकों का अध्ययन करना चाहते हैं।
- नॉन-टेरेस्ट्रियल नेटवर्क, अंडरवाटर नेटवर्क और 6G में AI/ML के एकीकरण जैसे नए नेटवर्क आर्किटेक्चर को समझना चाहते हैं।
कोर्स सिलेबस (4 सप्ताह में)
| सप्ताह | विषय |
|---|---|
| सप्ताह 1 |
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| सप्ताह 2 |
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| सप्ताह 3 |
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| सप्ताह 4 |
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पूर्वापेक्षाएँ और उद्योग समर्थन
अनिवार्य पूर्व ज्ञान: सिग्नल एंड सिस्टम्स के सिद्धांत, कम्युनिकेशन सिस्टम्स के सिद्धांत, वायरलेस कम्युनिकेशन के मूल सिद्धांत।
वांछनीय: MATLAB कोडिंग की बुनियादी समझ। NPTEL पर उपलब्ध हिंदी कोर्स 'Fundamentals Of Wireless Communication' एक बेहतरीन शुरुआत हो सकती है।
उद्योग प्रासंगिकता: यह कोर्स वायरलेस संचार क्षेत्र में काम करने वाले लगभग सभी प्रमुख संगठनों के लिए प्रासंगिक है, जैसे:
- सेल्युलर ऑपरेटर: जियो, एयरटेल, BSNL, VI
- CDOT
- नेटवर्किंग कंपनियाँ: सिस्को, एरिक्सन, नोकिया, अरिस्टा नेटवर्क्स
- सेमीकंडक्टर/डिवाइस कंपनियाँ: क्वालकॉम, सैमसंग
निष्कर्ष
6G सिर्फ तेज इंटरनेट नहीं, बल्कि एक ऐसा बुद्धिमान नेटवर्क है जो डिजिटल और भौतिक दुनिया को अभूतपूर्व तरीके से जोड़ेगा। प्रो. विवेक बोहरा का यह कोर्स उन सभी तकनीकी आधारों की एक स्पष्ट और संरचित जानकारी प्रदान करता है, जिन पर 6G का भविष्य टिका होगा। यदि आप वायरलेस तकनीक के भविष्य का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो यह कोर्स आपके ज्ञान और कौशल को अगले स्तर पर ले जाने के लिए एक उत्कृष्ट अवसर है।
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